औषधीय व जड़ी बूटियों के क्षेत्र में काम करने वाली 21 महिलाओं को किया सम्मानित

जोगिन्दर नगर, 07 मार्च:राष्ट्रीय औषध पादप बोर्ड के उत्तर भारत क्षेत्रीय कार्यालय स्थित जोगिन्दर नगर में जड़ी बूटियों व औषधीय पौधों के क्षेत्र में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उद्यमिता कौशल विकास पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर शी मैप-2024 के तहत आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन औषधीय एवं सुगंधित पौधों तथा जड़ी बूटियों के क्षेत्र में काम करने वाली 21 महिलाओं एवं उनके समूहों को सम्मानित किया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय औषध पादप बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. अरूण चंदन ने बताया कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से औषधीय एवं सुगंधित पौधों तथा जड़ी बूटियों के क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं एवं उनके समूहों के उद्यमिता विकास पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि दो दिनों तक चली इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जहां ऑनलाइन माध्यम से देश के विभिन्न संस्थानों में कार्यरत महिला उद्यमियों एवं विशेषज्ञों ने उपस्थित महिलाओं का मार्गदर्शन किया तो वहीं ऑफलाइन माध्यम से भी विभिन्न विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन माध्यम से डॉ. मोनिका गुलाटी, डॉ. शिवानी, डॉ. निधि, डॉ. नीलम जैरथ, डॉ. दिव्या नायर, डॉ. रीवा सूद, डॉ. प्रभजोत कौर तथा डॉ. सरोज अरोड़ा शामिल रहीं। इसी तरह आफलाइन माध्यम से ऐशनेट कंसल्टिंग प्राईवेट लिमिटेड के महाप्रबंधक आशीष भगोरिया, डॉ. तारा सेन तथा प्रसंस्करण की बहुउद्देशीय मशीन निर्मित करने वाले राष्ट्रीय अवार्डी धर्मवीर सिंह ने कार्यशाला में मौजूद महिलाओं का मार्गदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला के समापन कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय जोगिन्दर नगर की प्राचार्य प्रो. सुनीता सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहीं। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का आयोजन संयोजिका डॉ. अविका शुभ के नेतृत्व में संस्थान की महिला कर्मियों द्वारा किया गया।


कार्यशाला में नेशनल इन्नोवेशन फाउंडेशन अवार्ड से सम्मानित धर्मवीर सिंह ने साझा किये अपने अनुभव
इस दो दिवसीय कार्यशाला में बहुउद्देशीय मशीन तैयार करने वाले तथा नेशनल इन्नोवेशन फाउंडेशन अवार्डी धर्मवीर सिंह ने अपनी निर्मित मशीन के साथ अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने भावुकता भरे लहजे में जहां उपस्थित महिलाओं के साथ अपनी संघर्ष भरी गाथा को भी साझा किया तो वहीं इस संघर्ष के दौरान उनका सहयोग करने वालों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि यह महिला शक्ति ही है जो उनके संघर्ष भरे दौर में उनके साथ खड़ी रही तथा कहा कि सच्ची लगन, निष्ठा व समर्पण भाव के साथ किया गया परिश्रम बेहतरीन परिणाम लेकर आता है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज उनकी यह मशीन दुनिया के 18 बड़े देशों में निर्यात हो रही है। मूलरूप से हरियाणा के यमुनानगर निवासी धर्मवीर सिंह की इस उपलब्धि को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा में भी पढ़ाया जा रहा है।
जड़ी बूटियों व औषधीय पौधों के क्षेत्र में काम करने वाली ये 21 महिलाएं हुई सम्मानित
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित इस दो दिवसीय कार्यशाला के दूसरे राजकीय महाविद्यालय जोगिन्दर नगर की प्राचार्य प्रो. सुनीता सिंह ने 21 महिलाओं को सम्मानित किया गया। जिसमें ऊषा धीमान, सुरेश बाला, रजनी देवी, विजय शर्मा, ज्योति बाला, इंदु बाला, पूजा चौहान, मधु बाला, आशा देवी, दया देवी, रमना देवी, पूजा देवी, किरण देवी, परमजीत मनकोटिया, पुष्पा देवी, दीपा कुमारी, लीला देवी, प्रेमी देवी, मीना देवी, रजनी देवी तथा सुमित्रा देवी शामिल हैं।
इस अवसर पर नगर परिषद जोगिन्दर नगर की अध्यक्ष प्रेरणा ज्योति, प्रो. डीआर नाग, डॉ. पंकज पालसरा, डॉ. सौरभ, डॉ. हरजीत सिंह, डॉ. सुनील कुमार, मदन कुमार सहित संस्थान से जुड़े अन्य अधिकारी व कर्मचारी तथा प्रदेश के विभिन्न स्थानों से पहुंचे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं महिलाएं मौजूद रहीं।