चालू वित वर्ष में सभी परियोजनाओं को समयबद्व करें पूरा: चंद्र कुमार    पशुधन एवं कुक्कुट विकास बोर्ड की 29 वीं वार्षिक बैठक आयोजित

राज्य के पांच खंडों में पायलट आधार पर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश
धर्मशाला, 06 फरवरी। कृषि एवं पशु पालन मंत्री प्रो चंद्र कुमार ने विभागीय अधिकारियों को इस वित्तीय वर्ष में लंबित सभी परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने तथा बची हुई धनराशि का आबंटन शीघ्र करने के निर्देश देते हुए कहा कि  वर्ष 2024 -2025 के लिए वार्षिक कार्य योजना को शीघ्र ही सरकार के अनुमोदन हेतु प्रेषित की जाए ताकि अप्रैल माह से ही योजनाओं का क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा सके। म्ंगलवार को धर्मशाला में पशुधन एवं कुक्कुट विकास बोर्ड हिमाचल प्रदेश की 29 वीं वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कृषि मंत्री प्रो चंद्र कुमार ने कहा कि पशु पालकों के हितों का ध्यान में रखते हुए पशु-पालन केंद्रित योजनाएं स्वीकृति हेतु प्रस्तुत की जाएँ ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति में वांछित सुधार लाया जा सके तथा उनकी समस्याओं का निराकरण तुरंत एवं प्रभावी रूप से किया जा सके।
राज्य के पांच खंडों में पायलट आधार पर कार्य योजना हो तैयार
उन्होंने आदेश जारी किए कि प्रदेश में कम से  पाँच विकास खंडों के लिए  पशु पालकों की आजीविका सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पायलट परियोजना तैयार की जाए जिससे  उन्हें समुचित लाभ मिल सके द्य उन्होंने यह भी निर्देश जारी किए कि सरकारी योजनाओं का लाभ पशु पालकों के घर द्वार पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए ।


वर्ष 2024-25 की कार्य योजना का किया अनुमोदन
इस बैठक में पशुधन एवं कुक्कुट विकास बोर्ड हिमाचल प्रदेश से संबंधी वर्ष 2024-2025 की कार्य योजना का अनुमोदन किया गया तथा पशुधन एवं कुक्कुट विकास बोर्ड हिमाचल प्रदेश से संबंधी वित्तीय वर्ष 2022-2023 एवं 2023- 2024 के लेखों को भी  पारित किया गया पशु पालकों के हित में वीर्य तृणों पर केन्द्रीय प्रायोजित योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में पशुधन एवं कुक्कुट विकास बोर्ड द्वारा 125 रूपये का अतिरिक्त अनुदान जारी रखा जाएगा, जिसके उपरांत पशु पालकों को यह तृण 125 रूपये की दर से उपलब्ध करवाए जायेंगे। इस योजना के अंतर्गत 100 लाख रूपये का अनुमानित अनुदान उपलब्ध करवाया जाएगा।
पशुओं के लिए बांझपन निवारण शिविर लगाने के दिए निर्देश
पशुओं में बांझपन की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने विभागीय अधिकारियों से आह्वान किया कि वह इस बारे आत्म-चिंतन व आत्म मंथन करें तथा पशुओं में बाँझपन की समस्या का निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश जारी किए कि पूरे प्रदेश में पशु- बाँझपन की समस्या से निपटने के लिए हर माह में बाँझपन निवारण शिविर लगाये जायें तथा इनके आयोजन हेतु समुचित धन राशि उपलब्ध करवाई जाये। उन्होंने प्रदेश के सभी गौसदनों में इस तरह के शिविरों का आयोजन करने के निर्देश जारी किए द्य


उन्होंने अधिकारियों को यह  निर्देश जारी किये कि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन पशु पालकों के हित में पूरी गंभीरता से किया जाए तथा पशु पालकों  में वैज्ञानिक तौर-तरीकों से पशु पालन करने बारे आवश्यक जागरूकता हेतु जागरूकता शिविरों का  आयोजन भी किया जाए।
उन्होंने पशु विज्ञान विद्यालय पालमपुर को भी निर्देश जारी किए कि वह भी पशु पालकों के हितों का ध्यान रखते हुए योजनाएं स्वीकृति हेतु प्रस्तुत करें।
इस बैठक मे वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए  राकेश कंवर, सचिव पशु पालन विभाग हिमाचल प्रदेश सरकार ने यह आश्वस्त किया कि बैठक में जारी दिशा निर्दशों की अनुपालन समयबद्ध रूप में सुनिश्चित की जाएगी।
इस बैठक में निदेशक,  पशु पालन विभाग हिमाचल प्रदेश डा प्रदीप कुमार शर्मा , अतिरिक्ति उपायुक्त शिमला अभिषेक वर्मा , अधिष्ठाता, पशु विज्ञान विद्यालय पालमपुर डा रवींद्र कुमार , संयुक्त निदेशक पशु पालन विभाग डा संदीप रत्न तथा डा लाल गोपाल एवं सहायक निदेशक डा मुकेश महाजन ने भी भाग लिया।