जनता के हित में अपनी सरकार के खिलाफ भी आंदोलन करना पड़ेगा तो करेंगें : अजय धरवाल

बोले परदे के पीछे के षड्यंत्र को नहीं होने दिया जाएगा कामयाब

जोगिंदर नगर/जतिन लटावा

नगर परिषद जोगिंदर नगर उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने जारी ब्यान में कहा कि नगर परिषद की जनता ने पिछले लोकसभा के बाई इलेक्शन में कांग्रेस की प्रत्याशी श्रीमती प्रतिभा सिंह को नगर परिषद क्षेत्र में लगने वाले सात में से छ बूथों में लीड प्रदान की थी। इसी प्रकार इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए नगर परिषद की प्रबुद्ध जनता ने विधान सभा चुनावों में कांग्रेस के प्रत्याशी सुरेन्द्र पाल को नगर परिषद में लगने वाले सात बूथों से लगभग एक हजार वोटों की लीड प्रदान की थी। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो यहां की जनता को आशा थी की नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों को अब गति मिलेगी परंतु आज प्रदेश सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल हो चुका है, लेकिन इस एक वर्ष के कार्यकाल में कांग्रेस शासित नगर परिषद जोगिंदर में विकास कार्यों

को गति प्रदान करने की बात तो दूर पार्षदों के द्वारा जो हाउस की बैठक में विकास कार्यों हेतु खाका बनाया गया की हर वार्ड में दस दस लाख रूपये से विभिन्न विकास कार्य किए जायेंगे उन विकास कार्यों के कब से एस्टीमेट्स बने पड़े हैं लेकिन उनके टेंडर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के द्वारा लटकाए जा रहे हैं व नहीं लगाए जा रहे हैं ।
उन्होनें कहा की कई बार पार्षदों के द्वारा आग्रह करने पर भी आज दिन तक विकास कार्यों के टेडरों को नहीं लगाया जा रहा है। उन्होनें कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के होते हुए भी अपनी ही पार्टी को नगर परिषद को असफल करने का षड्यंत्र सरकार के एक चहेते नेता के इशारे पर किया जा रहा है जो की सही नहीं है। आज हालत ऐसे बना दिए गए हैं की स्ट्रीट

लाइट्स तक पार्षदों के कहने पर ठीक नहीं करवाई जा रही है वार्ड नो 4 व 7 तो पिछले एक सप्ताह से सभी स्ट्रीट लाइट्स बंद पड़ी हुई हैं । ऐसा ही हाल अन्य वार्डों का भी भी है । पब्लिक टॉयलेट्स के नल टपक रहे हैं सफाई व्यवस्था का दिवालिया निकल चुका है लेकिन नगर परिषद के कर्मचारी बार बार कहने पर भी सुधार नहीं ला रहे हैं। परदे के पीछे से कर्मचारियों पर नगर परिषद को असफल बनाने हेतु सरकार के एक चहेते नेता के द्वारा दवाब बनाया जा रहा है। लेकिन नगर परिषद को असफल बनाने का षड्यंत्र कतई सहन नहीं किया जायेगा । धरवाल ने कहा कि यदि जनता के हित में अपनी सरकार के खिलाफ भी आंदोलन करना पड़ेगा तो इस से पीछे नहीं हटा जायेगा। एक सप्ताह के भीतर विकास कार्यों के टेंडर नहीं लगाए गए तथा अन्य बातों को पूरा नहीं किया गया तो पार्षदों को साथ ले कर जन हित में अगला फैसला लिया जाएगा,किसी को भी परदे के पीछे के षड्यंत्र को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।