जिले में बनेगी वॉटर स्पोर्ट्स एंड अलाइड ऐक्टिविटीज़ सोसायटीवॉटर स्पोर्ट्स ऐक्टिविटीज़ का मिलकर संचालन करेंगे प्रशासन और स्थानीय लोग

जिले में बनेगी वॉटर स्पोर्ट्स एंड अलाइड ऐक्टिविटीज़ सोसायटी

जिला कांगड़ा में वॉटर स्पोर्ट्स तथा उससे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा उनके संचालन को लेकर प्रशासन द्वारा एक सोसायटी गठित की जा रही है। ‘डिस्ट्रिक्ट वॉटर स्पोर्ट्स एंड अलाइड ऐक्टिविटीज़ सोसायटी’ के नाम से बनने वाली यह सोसायटी जिले भर में जल क्रीड़ा, उससे जुड़ी साहसिक एवं अन्य गतिविधियों का संचालन करेगी। उपायुक्त कार्यालय में आज शनिवार को उक्त सोसायटी के गठन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने यह जानकारी दी। इस दौरान एटीडीओ संजय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। जिसके चलते पौंग क्षेत्र में जल क्रीड़ा और उससे संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश हैं कि पौंग क्षेत्र में पर्यटन की दृष्टि से पहले से निर्मित या स्थापित एसेट्स का सही उपयोग किया जाए। जिससे पर्यटन गतिविधियों के संचालन में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित होने के साथ क्षेत्र के युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।स्थानीय लोग बनेंगे सहभागीडीसी ने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के संचालन में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह सोसायटी गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि जिले में पर्यटन गतिविधियों के संचालन में जहां स्थानीय लोगों की सहभागिता होनी चाहिए, वहीं इन गतिविधियों के विकास में भी स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबारियों का सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय लोगों की सहभागिता और आपसी तालमेल से क्षेत्र में वॉटर स्पोटर््स और उससे जुड़ी गतिविधियों को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा।पूरे जिले की वॉटर एक्टिविटीज़ होंगी संचालितजिलाधीश ने कहा कि यह सोसायटी पौंग क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स और उससे जुड़ी तमाम गतिविधियों के संचालन से अपने कार्य की शुरुआत करेगी।

उन्होंने कहा कि इसके बाद जिले भर में होने वाली तमाम वॉटर स्पोटर््स एक्टिविटीज़ का संचालन इस सोसायटी के माध्यम से ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जिलें के जिन भी अन्य स्थानों पर वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को प्रारंभ किया जाएगा, उन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को भी सोसायटी में सम्मिलित किया जाएगा।यह रहेंगी गतिविधियां डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट वॉटर स्पोर्ट्स एंड अलाइड ऐक्टिविटीज़ सोसायटी पौंग क्षेत्र में पर्यटन, नौकायन, जल क्रीड़ा से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स और अन्य पर्यटन गतिविधियों के लिए उपयोग में आने एसेट्स, उपकरण, भवन और जरूरी स्टॉक सोसायटी के अधिकार में रहेंगे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक कर्मियों की नियुक्ति और उससे जुड़े निर्णय सोसायटी के द्वारा ही लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से स्थानीय जनता की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होेंने बताया कि सोसायटी अपनी सभी गतिविधियों का संचालन और रेगुलेट एचपी वाटर स्पोर्ट्स और संबद्ध गतिविधियां नियम, 2021 के तहत करेगी।होंगे सरकारी और गैर-सरकारी सदस्यउपायुक्त ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट वॉटर स्पोर्ट्स एंड अलाइड ऐक्टिविटीज़ सोसायटी में दोनों सरकारी और गैर-सरकारी सदस्य रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें जहां एक तरफ प्रशासन और पर्यटन से जुड़ सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी सम्मिलित होंगे, वहीं स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधि और पर्यटन से जुड़े हितधारक गैर-सरकारी सदस्य के रूप में सोसायटी में रहेंगे। उन्होंने बताया कि उपायुक्त कांगड़ा इस सोसायटी के अध्यक्ष होंगे तथा एसपी कांगड़ा, एडीएम, डीटीडीओ, सीएमओ, डीएफओ वाइल्ड लाइफ, जिला खेल अधिकारी तथा देहरा, फतेहपुर, जवाली के एसडीएम और फतेहपुर, नगरोटा सूरियां, देहरा के बीडीओ सोसायटी के सरकारी सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि गैर-सरकारी सदस्यों में स्थानीय पंचायतों के प्रधान, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष, ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष और पंजीकृत ऑपरेटर रहेंगे।हितधारकों से मांगे सुझाव डीसी ने बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों से सोसायटी के गठन और प्रस्तावित गतिविधियों को लेकर सुझाव मांगे। इस दौरान उपायुक्त ने सभी सुझावों को सुनते हुए, उन पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस सोसायटी को सबके सहयोग से चलाया जाएगा, इसलिए सभी हितधारक इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव देते रहें।