फोरलेन निर्माणः प्रभावित दुकानदारों का बेहतर पुनर्वास होगा सुनिश्चित: पठानिया     बोले सभी चुनावी वायदों तथा गारंटियों को पूरा कर रही सरकार  

 शाहपुर 10 मार्च। विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि  फोरलेन प्रोजेक्ट के चलते शाहपुर, द्रमण, छतडी रजोल से विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था की जाएगी इस के लिए उचित जगह पर व्यापरिक संस्थान स्थापित किए जाएंगे ताकि विस्थापित दुकानदारों का जीवन यापन पहले की तरह से चल सके। रविवार को शाहपुर में जनसमूह तथा पार्टी के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु बहुमत के साथ हिमाचल के सीएम पद पर आसीन हुए हैं तथा सत्ता की बागडोर संभालते ही ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खु ने ऐतिहासिक निर्णय लेकर राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तथा हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कारगर कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी वायदे तथा गारंटियों को भी पूरा किया जा रहा है।
     उन्होंने कहा कि सत्ता संभालने के बाद कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दृष्टि से ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था इसके साथ ही पहली अप्रैल 2024 से इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सामान निधि योजना को लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवाओं के स्टार्ट अप योजना आरंभ की गई है। आपदा के दौरान भी आपदा

प्रभावितों के पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास किया तथा राज्य के संसाधानों से ही 4500 करोड़ का आपदा राहत पैकेज की घोषणा भी की है। मुआवजा राशि में भी कई गुणा बढ़ोतरी की गई है। आपदा के दौरान सीएम द्वारा उठाए गए कदमों की देश ही नहीं अपितु विदेशों में भी सराहना की गई है। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा के दौरान पूर्व में प्रदान की जा रही सहायता राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की। पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर के पुनर्निर्माण के लिए सहायता राशि को 1.30 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे घरों के लिए सहायता राशि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये, दुकान या ढाबे के नुकसान पर सहायता राशि को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये और गौशालाओं को नुकसान होने पर सहायता राशि को 3 हजार  रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया गया है। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुरजीत सिंह राणा ने 126 बूथांे के कार्यकर्ताओं को विधायक केवल सिंह पठानिया द्वारा सम्मानित भी करवाया गया।