मनाली-घूमने-जा-रही-दिल्ली-की-छात्राओं-की-बस-पलटी-एक-की-मौत-42-घायल

बताते हैं कि परिवहन विभाग ने संबंधित विभाग से इस खामी को दूर करने का मामला भी उठाया था, लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। वीवीआईपी नंबर के लिए लगी बोली ने पोर्टल की कमियों की पोल पट्टी खोलकर सामने रख दी। परिवहन विभाग अब पोर्टल की खामियों के दूर होने का इंतजार कर रहा है, ताकि फर्जी तरीके से बोली लगाने वालों पर नकेल कसी जा सके।

परिवहन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि अगर सबसे ज्यादा बोली लगाने वाला विफल रहता है तो उसकी जमा तीस फीसदी जमानत राशि जब्त होगी। इसके अलावा बोली में हिस्सा लिए अन्य दो उच्च बोली दाताओं की जमानत राशि परिवहन विभाग वापस करेगा। यह व्यवस्था इस कारण से की जा रही है ताकि दूसरे और तीसरे नंबर पर बोली वाले वाहन मालिक फर्जी तरीके से बोली में हिस्सा न लें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *