सूखे की मार: इस बार किसानों की फसलों की बेहतर पैदावार के नहीं आसार

जोगिंदर नगर जतिन लटावा

जनवरी माह में भी बारिश के कम आसार से किसानों की फसलों की बंपर पैदावार भी रूक गई है। इससे होने वाले नुकसान से बचने के लिए अब कृषि विभाग के विशेषज्ञ ने भी फिल्ड पर उतरकर किसानों को अपने स्तर पर सिंचाई की व्यवस्था करने का आहवान किया है। मंडी जिला के द्रंग व चौंतड़ा में करीब 14 हजार हैक्टेयर भूमि पर रोपी गई गेहूं, जौं, मटर, आलू, बंदगोभी, लहसुन, प्याज और फूलगोभी की फसल के लिए पानी की आपूर्ति न होने से किसानों को नुकसान की संभावनाएं भी बन चुकी है। जबकि वर्षा पर आधारित क्षेत्रों में यह समस्या विकराल रूप धारण कर चुकी है। कृषि विभाग के फार्मों में गेहूं की बीजाई पर भी बुरा असर देखने को मिल रहा है। यहां पर किसानों को गेहूं के बीच उपलब्ध करवाने के लिए हजारों हैक्टेयर भूमि पर

बीजाई का कार्य नवंबर माह में पूरा कर लिया गया था और दिसंबर जनवरी माह में बारिश न होने से इस बीज की पैदावार को लेकर भी कृषि विभाग की दिक्कतें बढ़ गई है। हालांकि मौसम विभाग ने आगामी दिनों में बारिश के आसार बताए हैं। लेकिन मौजूदा परिवेश में अचानक पड़ी सूखे की मार से द्रंग व चौंतड़ा के हजारों किसानों की दिक्कतें बढ़ गई है। विकास खंड चौंतड़ा में सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था पूर्व में उपलब्ध होने से किसानों ने उपरोक्त फसलों की बीजाई कर ली है। लेकिन दं्रग हल्के में अभी भी पांच प्रतिशत किसान वर्षा पर आस लगाए हुए है। यहां पर गेहूं के बीज की बीजाई अभी भी होनी है।