हाल-ए-अस्पताल : कड़ाके की ठंड में ठिठुर रहे मरीज और तीमारदार

जोगिंदर नगर जतिन लटावा

सिविल हॉस्पिटल जोगिंदरनगर मरीजों का इलाज करते-करते खुद मरीज हो चुका है आलम यह है कि जोगिंदरनगर अस्पताल के मरीज ठिठुरने को मजबूर हैं। जिम्मेदारों ने जो कंबल दिए हैं वह सर्दी में राहत देने की स्थिति में नहीं है। मरीज या तो ठिठुर रहे हैं या घर से रजाई की व्यवस्था करा रहे हैं। नियमानुसार तो सर्दी में हीटर भी मरीजों के लिए लगाने चाहिए। इसके लिए बकायदा बजट भी जारी होता है। वहीं अस्पताल में हीटर की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। लापरवाही तो इस कदर हावी है

कि मरीजों को कंबल भी तत्काल उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। बुधवार को द्रुबल से दान सिंह का कहना है कि वह 2 दिन से सिविल हॉस्पिटल जोगिंदरनगर में भर्ती हैं तथा गैंगरीन से पीड़ित है उनका कहना है कि सिविल अस्पताल जोगिंदरनगर की इतनी हालत खस्ता है कि अस्पताल के शौचालय में दरवाजे भी नहीं है पानी के नल भी खुले पड़े हैं जो बंद नहीं होते तथा गीजर तो है लेकिन काम नहीं करता उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में एक तरफ मरीज उपचार के लिए पहुंचता है और यहां स्वास्थ्य सुविधाएं देखें तो वह भी ना के बराबर