जोगिंद्रनगर शहर की सड़क के लेबल को नीचे करने बारे व्यापार मंडल ने एसडीएम जोगिंद्रनगर को सौंपा ज्ञापन जोगिंदर नगर जतिन लटावा व्यापार मंडल जोगिंदर नगर ने आज उपमंडलाधिकारी नागरिक जोगिंदर नगर को ज्ञापन सौंपा ओर मांग की कि पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क में टlयरिंग का कार्य चला हुआ है उस का स्वागत है परंतु शहर के बीच जो राष्ट्रीय राज मार्ग का हिस्सा पड़ता है उस पर टlयरिंग पुनः सड़क को उखाड़ कर लेवल डाउन कर किया जाए क्यों की सड़क का शहर में लेवल बार बार की टlयरिंग से इतना ऊंचा उठ चुका है की बरसात में पानी सीधा दुकानों के अंदर आ जाता है जिस कारण दुकानदारों को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या बारे कई बार विभाग को अवगत करवाया गया है लेकिन आज दिन तक कोई कार्यवाही नहीं हुई । व्यापार मंडल मांग करता है की डायरेक्टर एनएचएआई को उपमंडलाधिकारी नागरिक जोगिंदर नगर निर्देश दें कि दुकानदारों की समस्या को देखते हुए शहर के बीचों बीच गुजर रही सड़क का लेवल डाउन कर सड़क पर पुनः टlयरिंग की जाए ताकि दुकानदारों की लंबे समय से आ रही समस्या का हल हो सके । अन्यथा यदि सुनवाई नहीं हुई तो व्यापार मंडल को इस समस्या के निराकरण के लिए आंदोलन मजबूरन करना पड़ेगा। जिस की जिमेवारी एनएचएआई विभाग की होगी

जोगिंद्रनगर शहर की सड़क के लेबल को नीचे करने बारे व्यापार मंडल ने एसडीएम जोगिंद्रनगर को सौंपा ज्ञापन

जोगिंदर नगर जतिन लटावा

व्यापार मंडल जोगिंदर नगर ने आज उपमंडलाधिकारी नागरिक जोगिंदर नगर को ज्ञापन सौंपा ओर मांग की कि पठानकोट मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क में टlयरिंग का कार्य चला हुआ है उस का स्वागत है परंतु शहर के बीच जो राष्ट्रीय राज मार्ग का हिस्सा पड़ता है उस पर टlयरिंग पुनः सड़क को उखाड़ कर लेवल डाउन कर किया जाए क्यों की सड़क का शहर में लेवल बार बार की टlयरिंग से इतना ऊंचा उठ चुका है की बरसात में पानी सीधा दुकानों के अंदर आ जाता है जिस कारण दुकानदारों को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है। इस समस्या बारे कई बार विभाग को अवगत करवाया गया है लेकिन आज दिन तक कोई कार्यवाही नहीं हुई । व्यापार मंडल मांग करता है की डायरेक्टर एनएचएआई को उपमंडलाधिकारी नागरिक जोगिंदर नगर निर्देश दें कि दुकानदारों की समस्या को देखते हुए शहर के बीचों बीच गुजर रही सड़क का लेवल डाउन कर सड़क पर पुनः टlयरिंग की जाए ताकि दुकानदारों की लंबे समय से आ रही समस्या का हल हो सके । अन्यथा यदि सुनवाई नहीं हुई तो व्यापार मंडल को इस समस्या के निराकरण के लिए आंदोलन मजबूरन करना पड़ेगा। जिस की जिमेवारी एनएचएआई विभाग की होगी